लघु-कथा -लालच बुरी बला है- साक्षी कुमारी
लघु-कथा -लालच बुरी बला है- साक्षी कुमारी

लालच बुरी बला है

चंबल नदी के पास में एक गांव है वह बहुत छोटा गांव है उसका नाम नयापुरा है उस गांव में गोपाल नाम का एक लड़का रहता था वह बहुत शैतान था 1 दिन उसकी मां उसे बाजार जाने के लिए कहा वह उधम मचाते हुए एक गलत रास्ते पर चला गया और ऋषि तपस्या कर रहा था गोपाल बहुत शैतान था वह कुटिया में घुस गया और वहां से थरमस चुरा लाया ऋषि ने आंख खोली तो आसान नहीं था थरमस वहां नहीं था नहीं था ऋषि बहुत चिंतित होने लगा उसने उस थरमस को अपने दिव्य शक्तियों को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए बनाया था गोपाल थरमस लेकर घर पहुंचा उसने कहा कोई बात नहीं मेरे काम आ जाएगा वह बाहर आया खेलने लगा ओ सर्दी का मौसम था उसने कहा चाय मिल जाए तो बहुत अच्छा होता हुआ था उसके पास गया उसने कहा कोई बात नहीं पानी पी लेता ही पानी पिया पानी नहीं आए बाहर आए बहुत खुश हुआ और अपने माता-पिता को चोरी कर ले गया चौकीदार से पूछा यहां सब कुछ नहीं था गोपाल बहुत दुखी हुआ वहां से मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है गौर से देखा तो वहां नहीं था उसने कहा तो वही है जो प्राणी को सही रास्ते पर लाता है उसने कहा वह जो भी और बहुत दुष्ट प्राणी है जो सब के साथ करता है करना कुछ दिनों बाद गोपाल आलसी हो गया औरh ho उसका घर भी गिरवी रख गया था और वह सब पर आ गया उसके पास कुछ नहीं था और वह नौकर बन गया और पछताने लगाl

 शिक्षा :–लालच बुरी बला हैl

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