कविता-छठ पर्व-चंदा रानी
कविता-छठ पर्व-चंदा रानी

छठ पर्व

देखो देखो छठ पर्व है आया

भाईचारा का संदेश है लाया

 सुंदर घाटों को है सजाया

सबके मन में उत्साह जगाया

छठ पर्व मनाने दूर शहर से

प्रवासी गाँव लौट कर आया

नदी ,नहर ,समुद्र किनारे

 लोग छठ घाट है बनाया

सूर्य देवता को अर्ध्य देने 

भक्त लोग घाट पर आया

संध्या का अर्घ्य सूर्यास्त को देते

  सुबह का अर्घ्य सूर्योदय को देते

 ठेकुआ,कसार, नारियल चढ़ाया

अपने-अपने मन्नत मांगने को

छठ का डाला है सजाया

 सबके जीवन में खुशियाँ लाया

 देखो देखो छठ पर्व है आया

साफ सफाई है चारों ओर

 चार दिन का तप है कठोर 

छठ गीत गूंजे चारो ओर

हृदय को देता झकझोर

आस्था और पवित्रता का संगम है 

एक दूसरे से जुड़ाव का माध्यम  है

परिवार को एक सूत्र में

बांध कर रखने का यह बंधन है

देखो देखो छठ पर्व है आया

सबके जीवन में खुशियाँ लाया ॥

॥ चंदा रानी, मुंबई , महाराष्ट्र ॥

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *